भारतीय शेयर बाजार में सोमवार को भारी उथल-पुथल देखने को मिली। निवेशकों के लिए यह दिन किसी “ब्लैक मंडे” से कम नहीं था। बाजार खुलते ही ज्वेलरी, रिटेल, एविएशन और टूरिज्म सेक्टर के शेयरों में तेज बिकवाली शुरू हो गई। इसकी सबसे बड़ी वजह बनी Narendra Modi की वह अपील, जिसमें उन्होंने देशवासियों से अगले एक साल तक गैर-जरूरी सोना खरीदने से बचने की सलाह दी।
आखिर PM मोदी ने क्या कहा?
हैदराबाद में एक जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मौजूदा वैश्विक हालात और बढ़ते आयात बिल के बीच देश को विदेशी मुद्रा भंडार (Forex Reserves) बचाने की जरूरत है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे:
- अगले 1 साल तक गैर-जरूरी सोना खरीदने से बचें
- पेट्रोल-डीजल की खपत कम करें
- गैर-जरूरी विदेशी यात्राएं टालें
- कंपनियां वर्क-फ्रॉम-होम (WFH) को बढ़ावा दें
सरकार का मकसद देश से डॉलर की निकासी को कम करना बताया जा रहा है, क्योंकि भारत दुनिया के सबसे बड़े गोल्ड इम्पोर्टर्स में शामिल है।
क्यों डर गए निवेशक?
भारत में सोना सिर्फ निवेश नहीं, बल्कि परंपरा और भावनाओं से भी जुड़ा हुआ है। शादी, त्योहार और बचत — हर जगह गोल्ड की अहम भूमिका होती है। ऐसे में जब प्रधानमंत्री ने खुद सोना खरीदने से बचने की अपील की, तो निवेशकों को डर लगा कि:
- ज्वेलरी कंपनियों की बिक्री घट सकती है
- गोल्ड डिमांड कमजोर पड़ सकती है
- आने वाले क्वार्टर्स में कंपनियों के मुनाफे पर असर पड़ सकता है
बस यही डर बाजार में भारी बिकवाली की वजह बन गया।
इन कंपनियों के शेयरों में आई भारी गिरावट
Titan Company
टाटा ग्रुप की इस बड़ी कंपनी के शेयरों में लगभग 7% तक गिरावट देखने को मिली।
Kalyan Jewellers
निवेशकों की भारी बिकवाली के कारण कंपनी के शेयर 9% से ज्यादा टूट गए।
Senco Gold
इस ज्वेलरी कंपनी के शेयरों में करीब 10% तक की गिरावट दर्ज की गई।
एविएशन और टूरिज्म सेक्टर
विदेश यात्राएं टालने की अपील का असर एयरलाइंस और ट्रैवल कंपनियों पर भी दिखाई दिया।
सिर्फ PM मोदी का बयान नहीं, ये 2 बड़े कारण भी बने क्रैश की वजह
1. कच्चे तेल की कीमतों में विस्फोट
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और ईरान संकट के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल की कीमतें तेजी से बढ़ीं। भारत अपनी जरूरत का लगभग 80% तेल आयात करता है, इसलिए तेल महंगा होने का सीधा असर भारतीय अर्थव्यवस्था पर पड़ता है।
2. FIIs की बिकवाली
विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) लगातार भारतीय बाजार से पैसा निकाल रहे हैं। वैश्विक अनिश्चितता के कारण वे सुरक्षित निवेश विकल्पों की तरफ जा रहे हैं। इससे बाजार पर और दबाव बढ़ा।
आंकड़ों में बाजार की तबाही
सोमवार को बाजार बंद होने तक स्थिति बेहद कमजोर दिखाई दी:
- BSE Sensex 1,000 अंकों से ज्यादा टूट गया
- Nifty50 में भी भारी गिरावट दर्ज हुई
- BSE पर लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप लगभग ₹6-7 लाख करोड़ घट गया
ज्यादातर सेक्टर्स लाल निशान में बंद हुए और निवेशकों की संपत्ति में भारी गिरावट देखने को मिली।
क्या सरकार ने सोने पर बैन लगा दिया है?
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है — क्या अब भारत में सोना खरीदना बंद हो जाएगा?
जवाब है: नहीं।
सरकार ने सोने की खरीद-बिक्री पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया है। प्रधानमंत्री की यह सिर्फ एक “स्वैच्छिक अपील” थी, कोई कानूनी आदेश नहीं। लोग पहले की तरह गोल्ड खरीद सकते हैं।
एक्सपर्ट्स क्या मानते हैं?
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि यह गिरावट भावनात्मक (Sentiment Driven) ज्यादा थी। भारत में शादी और त्योहारों के दौरान गोल्ड की मांग पूरी तरह खत्म होना मुश्किल है। हालांकि, अल्पकाल में ज्वेलरी सेक्टर पर दबाव जरूर बना रह सकता है।
निष्कर्ष
PM मोदी की अपील ने बाजार को यह संकेत दिया कि सरकार वैश्विक आर्थिक संकट और विदेशी मुद्रा भंडार को लेकर गंभीर है। इसी वजह से निवेशकों में घबराहट फैली और शेयर बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली।
हालांकि, फिलहाल सोने पर कोई बैन नहीं लगा है और आम जनता को घबराने की जरूरत नहीं है। लेकिन आने वाले दिनों में वैश्विक हालात, कच्चे तेल की कीमतें और विदेशी निवेशकों का रुख भारतीय बाजार की दिशा तय करेगा।

